यह मॉड्यूल मध्य चरण (Middle Stage) के संस्कृत शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य संस्कृत भाषा के शिक्षण-अधिगम में रचनात्मकता, नवाचारिता एवं दक्षता-आधारित शिक्षण को बढ़ावा देना है।
मॉड्यूल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप दक्षताओं के विकास पर विशेष बल दिया गया है। दक्षता को ज्ञान, कौशल एवं मनोवृत्ति के समन्वय के रूप में समझाया गया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी जीवन, कार्यक्षेत्र और भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर सकते हैं।
संस्कृत शिक्षण में रचनात्मक एवं नवाचारी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में चिंतन, समस्या-समाधान, अभिव्यक्ति, सृजनात्मकता, सहयोग एवं निर्णय लेने की क्षमता विकसित की जा सकती है। मॉड्यूल यह भी रेखांकित करता है कि दक्षता-आधारित शिक्षण विद्यार्थियों को विद्यालय के भीतर तथा वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में अर्जित ज्ञान और कौशल के प्रभावी प्रयोग के लिए सक्षम बनाता है।
इस मॉड्यूल में रचनात्मकता एवं नवाचारिता को प्रमुख दक्षताओं के रूप में लेते हुए संस्कृत शिक्षकों को ऐसी शिक्षण-पद्धतियों एवं गतिविधियों से परिचित कराया जाता है, जिनके माध्यम से विद्यार्थी संस्कृत भाषा का प्रयोग केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित न रखकर व्यावहारिक, रचनात्मक एवं जीवनोपयोगी संदर्भों में कर सकें।
पाठ्यक्रम का उद्देश्य:
मध्य चरण के संस्कृत शिक्षकों को दक्षता-आधारित, रचनात्मक एवं नवाचारी शिक्षण की समझ प्रदान करना तथा उन्हें ऐसी शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को अपनाने के लिए सक्षम बनाना, जिनसे विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, रचनात्मक सोच, नवाचार एवं जीवन-कौशल का समग्र विकास हो सके।
मॉड्यूल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप दक्षताओं के विकास पर विशेष बल दिया गया है। दक्षता को ज्ञान, कौशल एवं मनोवृत्ति के समन्वय के रूप में समझाया गया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी जीवन, कार्यक्षेत्र और भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर सकते हैं।
संस्कृत शिक्षण में रचनात्मक एवं नवाचारी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में चिंतन, समस्या-समाधान, अभिव्यक्ति, सृजनात्मकता, सहयोग एवं निर्णय लेने की क्षमता विकसित की जा सकती है। मॉड्यूल यह भी रेखांकित करता है कि दक्षता-आधारित शिक्षण विद्यार्थियों को विद्यालय के भीतर तथा वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में अर्जित ज्ञान और कौशल के प्रभावी प्रयोग के लिए सक्षम बनाता है।
इस मॉड्यूल में रचनात्मकता एवं नवाचारिता को प्रमुख दक्षताओं के रूप में लेते हुए संस्कृत शिक्षकों को ऐसी शिक्षण-पद्धतियों एवं गतिविधियों से परिचित कराया जाता है, जिनके माध्यम से विद्यार्थी संस्कृत भाषा का प्रयोग केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित न रखकर व्यावहारिक, रचनात्मक एवं जीवनोपयोगी संदर्भों में कर सकें।
पाठ्यक्रम का उद्देश्य:
मध्य चरण के संस्कृत शिक्षकों को दक्षता-आधारित, रचनात्मक एवं नवाचारी शिक्षण की समझ प्रदान करना तथा उन्हें ऐसी शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को अपनाने के लिए सक्षम बनाना, जिनसे विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, रचनात्मक सोच, नवाचार एवं जीवन-कौशल का समग्र विकास हो सके।
Course Hours: 4