खुशीशाला – खुद की खोज का उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं के शिक्षकों और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और वेल-बीइंग को सुनिश्चित करना है।
इस कोर्स में खुशीशाला–खुद की खोज का परिचय दिया गया है। इसमें इसके तीनों भाग—‘वर्तमान में रहें’, ‘करुणा रखें’ और ‘वह करें जो मायने रखता है’ से जुड़े अभ्यास, गतिविधियाँ और कक्षा प्रक्रियाओं का प्रदर्शन शामिल है। साथ ही, शिक्षकों के लिए इसे कक्षा में लागू करने के स्पष्ट दिशानिर्देश भी दिए गए हैं। जो उन्हें शिक्षक संदर्शिकाओं से जुड़ी अवधारणाओं को समझने और उन्हें सहज रूप से कक्षा में लागू करने में मदद करता है। इसके माध्यम से शिक्षक कक्षा में एक सुरक्षित, सहयोगी और जुड़ाव-आधारित वातावरण बना सकते हैं।
इस कोर्स में खुशीशाला–खुद की खोज का परिचय दिया गया है। इसमें इसके तीनों भाग—‘वर्तमान में रहें’, ‘करुणा रखें’ और ‘वह करें जो मायने रखता है’ से जुड़े अभ्यास, गतिविधियाँ और कक्षा प्रक्रियाओं का प्रदर्शन शामिल है। साथ ही, शिक्षकों के लिए इसे कक्षा में लागू करने के स्पष्ट दिशानिर्देश भी दिए गए हैं। जो उन्हें शिक्षक संदर्शिकाओं से जुड़ी अवधारणाओं को समझने और उन्हें सहज रूप से कक्षा में लागू करने में मदद करता है। इसके माध्यम से शिक्षक कक्षा में एक सुरक्षित, सहयोगी और जुड़ाव-आधारित वातावरण बना सकते हैं।
Course Hours: 3
खुशीशाला – खुद की खोज का उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं के शिक्षकों और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और वेल-बीइंग को सुनिश्चित करना है।
इस कोर्स में खुशीशाला–खुद की खोज का परिचय दिया गया है। इसमें इसके तीनों भाग—‘वर्तमान में रहें’, ‘करुणा रखें’ और ‘वह करें जो मायने रखता है’ से जुड़े अभ्यास, गतिविधियाँ और कक्षा प्रक्रियाओं का प्रदर्शन शामिल है। साथ ही, शिक्षकों के लिए इसे कक्षा में लागू करने के स्पष्ट दिशा निर्देश भी दिए गए हैं। जो उन्हें शिक्षक संदर्शिकाओं से जुड़ी अवधारणाओं को समझने और उन्हें सहज रूप से कक्षा में लागू करने में मदद करता है। इसके माध्यम से शिक्षक कक्षा में एक सुरक्षित, सहयोगी और जुड़ाव-आधारित वातावरण बना सकते हैं।
इस कोर्स में खुशीशाला–खुद की खोज का परिचय दिया गया है। इसमें इसके तीनों भाग—‘वर्तमान में रहें’, ‘करुणा रखें’ और ‘वह करें जो मायने रखता है’ से जुड़े अभ्यास, गतिविधियाँ और कक्षा प्रक्रियाओं का प्रदर्शन शामिल है। साथ ही, शिक्षकों के लिए इसे कक्षा में लागू करने के स्पष्ट दिशा निर्देश भी दिए गए हैं। जो उन्हें शिक्षक संदर्शिकाओं से जुड़ी अवधारणाओं को समझने और उन्हें सहज रूप से कक्षा में लागू करने में मदद करता है। इसके माध्यम से शिक्षक कक्षा में एक सुरक्षित, सहयोगी और जुड़ाव-आधारित वातावरण बना सकते हैं।
Course Hours: 3
कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु यह प्रशिक्षण शिक्षकों के लिए लाभकारी होगा।
Course Hours: 10
It is a course for students to learn about gender stereotype, self esteem and body confidence
Course Hours: 2