Personal Growth and Well-Being discusses various aspects of personality. It covers the importance of knowledge, the definition of personality, and details physical, mental, social, emotional, and character-based qualities. The significance of character strength is highlighted, which is the ultimate power of a human being and leads a nation to progress. The qualities of a good personality, such as introspection, sociability, physical and mental health, harmony, strong willpower, & prosecution, are described.
Course Hours: 4
"Education: most powerful weapon for change." Global citizenship means embracing the world, beyond borders. It's unity, dignity, responsibility, tolerance, inclusion, diversity. We share Earth's resources; success is in judicious use, respecting rights. People have similar needs, different ways, shaped by gender, culture, etc. Requires confidence in a changing world, positive engagement, tackling challenges. Global citizens think independently, explore, learn cultures, and contribute.
Course Hours: 4
The State Council of Educational Research and Training Delhi is offering a self-paced MOOC on the DIKSHA to orient teachers on NEEEV (New Era of Entrepreneurial Ecosystem and Vision). The course introduces the vision, objectives, pedagogical approaches, and implementation strategies of NEEEV, enabling teachers to integrate innovation, entrepreneurship, experiential learning, and critical thinking into classroom practices. It supports continuous professional development and prepares educators to effectively implement NEEEV across Delhi schools.
Course Hours: 4
यह मॉड्यूल कक्षा 6–8 के हिंदी शिक्षकों (Middle Stage Hindi Teachers) के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य शिक्षकों में संवाद एवं संप्रेषण की समझ विकसित करना तथा उन्हें विद्यार्थियों में प्रभावी संचार, तार्किक चिंतन और समस्या-समाधान कौशल विकसित करने के लिए सक्षम बनाना है।
इस मॉड्यूल में बताया गया है कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए उसकी सही पहचान, स्पष्ट संकल्पना तथा अपनी संस्कृति और सामाजिक परिवेश के अनुरूप दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। मानव ने प्राचीन काल से ही अपनी जिज्ञासा, नवाचार और विचार-विनिमय के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजते हुए सभ्यता का विकास किया है। वर्तमान वैश्विक परिवेश में विभिन्न संस्कृतियाँ एक-दूसरे को प्रभावित कर रही हैं, इसलिए अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों के अनुरूप समाधान विकसित करना अधिक प्रभावी और व्यावहारिक माना गया है।
मॉड्यूल में संवाद एवं संप्रेषण को दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच विचारों, भावों और सूचनाओं के आदान-प्रदान की प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया गया है। प्रभावी संवाद विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सृजनात्मक एवं तार्किक चिंतन, विचारशीलता, संवाद कौशल, सहयोग की भावना तथा समस्याओं का वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण से समाधान करने की क्षमता विकसित करता है। हिंदी शिक्षक इन कौशलों को कक्षा की गतिविधियों, चर्चा, विचार-विमर्श और सहयोगात्मक अधिगम के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रभावी रूप से विकसित कर सकते हैं।
इस मॉड्यूल में बताया गया है कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए उसकी सही पहचान, स्पष्ट संकल्पना तथा अपनी संस्कृति और सामाजिक परिवेश के अनुरूप दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। मानव ने प्राचीन काल से ही अपनी जिज्ञासा, नवाचार और विचार-विनिमय के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजते हुए सभ्यता का विकास किया है। वर्तमान वैश्विक परिवेश में विभिन्न संस्कृतियाँ एक-दूसरे को प्रभावित कर रही हैं, इसलिए अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों के अनुरूप समाधान विकसित करना अधिक प्रभावी और व्यावहारिक माना गया है।
मॉड्यूल में संवाद एवं संप्रेषण को दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच विचारों, भावों और सूचनाओं के आदान-प्रदान की प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया गया है। प्रभावी संवाद विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सृजनात्मक एवं तार्किक चिंतन, विचारशीलता, संवाद कौशल, सहयोग की भावना तथा समस्याओं का वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण से समाधान करने की क्षमता विकसित करता है। हिंदी शिक्षक इन कौशलों को कक्षा की गतिविधियों, चर्चा, विचार-विमर्श और सहयोगात्मक अधिगम के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रभावी रूप से विकसित कर सकते हैं।
Course Hours: 4
यह पाठ रचनात्मक सोच, रचनात्मकता और नवाचार के महत्व पर केंद्रित है। यह पाठ्यक्रम मध्य स्तर के हिंदी शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को यह समझाना है कि रचनात्मक सोच के माध्यम से विद्यार्थियों में नए विचारों को अपनाने, अलग दृष्टिकोण से समस्याओं को देखने और उनके समाधान खोजने की क्षमता विकसित की जा सकती है।
रचनात्मक सोच केवल कला, संगीत या साहित्य तक सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन, शिक्षा, कार्यक्षेत्र, विज्ञान, अनुसंधान और व्यापार में भी उपयोगी है। प्रत्येक व्यक्ति में रचनात्मक सोच की क्षमता होती है, जिसे बचपन से विकसित किया जा सकता है। उदाहरण के रूप में, बच्चे का चलना सीखने के लिए अलग-अलग तरीके आजमाना रचनात्मक सोच को दर्शाता है।
साहित्य स्वयं रचनात्मक सोच का परिणाम है, क्योंकि बिना नवीन विचारों के साहित्य-सृजन संभव नहीं है। हिंदी शिक्षकों की भूमिका विद्यार्थियों में रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण है। यह क्षमता विद्यार्थियों को वर्तमान चुनौतियों का सामना करने, भविष्य की योजना बनाने तथा समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए तैयार करती है।
रचनात्मक सोच केवल कला, संगीत या साहित्य तक सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन, शिक्षा, कार्यक्षेत्र, विज्ञान, अनुसंधान और व्यापार में भी उपयोगी है। प्रत्येक व्यक्ति में रचनात्मक सोच की क्षमता होती है, जिसे बचपन से विकसित किया जा सकता है। उदाहरण के रूप में, बच्चे का चलना सीखने के लिए अलग-अलग तरीके आजमाना रचनात्मक सोच को दर्शाता है।
साहित्य स्वयं रचनात्मक सोच का परिणाम है, क्योंकि बिना नवीन विचारों के साहित्य-सृजन संभव नहीं है। हिंदी शिक्षकों की भूमिका विद्यार्थियों में रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण है। यह क्षमता विद्यार्थियों को वर्तमान चुनौतियों का सामना करने, भविष्य की योजना बनाने तथा समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए तैयार करती है।
Course Hours: 4
This course is designed for English teachers and focuses on developing cultural and global citizenship skills. These competencies equip teachers to engage effectively with diverse cultural and global contexts, fostering intercultural understanding, mutual respect, and international cooperation.
Course Hours: 4
The MOOC on “Digitally Empowered Teachers” developed by SCERT Delhi is a capacity-building initiative aimed at enhancing teachers’ digital competencies for effective classroom integration. Aligned with NEP 2020, the course supports continuous professional development through a flexible, self-paced learning format. It covers key areas such as digital literacy, ICT tools, online pedagogy, content creation, and cyber safety. The course includes interactive modules and assessments leading to certification. It empowers teachers to adopt innovative, technology-enabled teaching practices and create engaging, inclusive, and competency-based learning environments, preparing them to meet the evolving demands of 21st-century education.
Course Hours: 5